खाली बस्ती .. आग जले है
धुआँ धतूरा ... हाथ मले है
आँखमें कोई दाग है शायद
बिना बात आसू छलके है
धुआँ धतूरा ... हाथ मले है
आँखमें कोई दाग है शायद
बिना बात आसू छलके है
पिद्दीसी मूरत है
जिद्दिसी सिरत है
खुशबूके चोचलोमें फसी
काँटोंकी नियत है
जिद्दिसी सिरत है
खुशबूके चोचलोमें फसी
काँटोंकी नियत है
मनमें चाहे लाख गिले है
लगते तो सबकेही गले है
आजके दाढ़ीमें है तिनका
लागे चोर कलके निकले है
लगते तो सबकेही गले है
आजके दाढ़ीमें है तिनका
लागे चोर कलके निकले है
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